भारत में पंचवर्षीय योजना

दोस्तों आज के इस ब्लॉग में हम आपको पंचवर्षीय योजना के बारे में बताने जा रहा हू जो आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं 

  1. विश्व में प्रथम पंचवर्षीय योजना की शुरुआत (1928-1933)  के बीच सोवियत संघ द्वारा किया गया था 
  2. रूसी प्रधानमंत्री जोफस स्टालिन को विश्व में पंचवर्षीय योजनाओ का जनक माना जाता हैं!
  3. भारतीय पंचवर्षीय योजना /आर्थिक नियोजन का जनक पंडित जवाहर लाल नेहरू को कहा जाता है!
  4. भारत में पंचवर्षीय योजना की शुरुआत 1 अप्रैल 1951 में हुआ था 
  5. भारत में पंचवर्षीय योजना की अंत 31 मार्च 2017 में हुआ 
  6. भारत में कुल 12 पंचवर्षीय योजना लागू किया गया 
  7. पंचवर्षीय योजना समवर्ती सूची का विषय है 

  •  प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-1956)
  • मॉडल- हेरॉल्ड  डोमर
  • प्राथमिकता-कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता 
  • उपलब्धियाँ– तीन बहुउदेशीय नदी घाटी योजनाएं प्रारंभ 
  • भाखड़ा नांगल- बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश 
  • उद्घाटन – 17 नवंबर 1995,   J. L नेहरू
  • दामोदर घाटी – भारत की प्रथम बहुउदेशीय योजना 
  • झारखण्ड,पश्चिम बंगाल 
  • हीराकुंड परियोजना-1953 ,संबलपुर, उड़ीसा
  • 2 अक्टूबर 1952 को अमेरिका के मदद से उत्तरप्रदेश में सामुदायिक विकास कार्यक्रम के शुरुआत 
  • लक्षित विकास दर-2.1%  
  • प्राप्ति-3.6% 

  • द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956-1961)
  • मॉडल-पी.सी. महालनोबिस 
  • प्राथमिकता- भारी उद्योगों और आधारभूत उद्योग का विकास 
  • उपलब्धियाँ
  •  3 लौह इस्पात कारखानों की स्थापना 
  •  राउरकेला -उड़ीसा – ज़र्मनी के सहयोग से 
  •  भिलाई -छत्तीसगढ़ – रूस के सहयोग  से 
  •  दुर्गापुर -पश्चिम बंगाल – ब्रिटेन के सहयोग से 
  •  चित्तरंजन  लोकोमोटिव, पश्चिम बंगाल की स्थापना 
  • सिंदरी उर्वरक कारखाना , झारखण्ड की स्थापना
  • यह 2002 में बंद हो गया 24 जनवरी ,2019 को नरेंद्र मोदी द्वारा पुनः शुरुआत 
  • इंटीग्रल कोच फैक्ट्री , चेन्नई की स्थापना 
  • 2 अक्टूबर 2019 को राजस्थान (नागौर ) से भारत में पंचायती राज की शुरुआत 
  • कंपनी के विकास के लिए कंपनी अधिनियम 1948  पारित 
  • यह कंपनी अधिनियम 2013 में बदल दिया गया 
  • 1 अप्रैल 2014 से लागु हुआ 
  • भारत में दूसरा औधोगिक नीति की घोषणा 1956 में किया गया 
  • अब तक भारत में कुल 6 औधोगिक नीति लागू किया गया 
  • 1948 ,1956 ,1977,1980 ,1990 ,1991 
  • लक्षित विकास दर-4.5%     प्राप्ति-4.2%

तृतीय पंचवर्षीय योजना (1961-1966 )
  • मॉडल- सुखमय चक्रवर्ती 
  • प्राथमिकता :-
  • कृषि एवं उद्योग का समेकित विकास 
  •  खाधान उत्पादन में आत्मनिर्भरता 
  • उपलब्धियाँ:-
  •  1 जुलाई जुलाई 1964 को भारतीय औधोगिक विकास बैंक (IDBI) की  स्थापना 
  •  1965 में बोकारो (झारखण्ड ) में लौह इस्पात कारखाने की स्थापना रूस के सहयोग से 
  • 1965 में भारतीय खाद्य निगम की स्थापना 
  • इसे 1985 में कृषि कीमत तथा लगत आयोग में बदल दिया गया 
  • यह आयोग किसानो को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध करता  है
  • यह योजना आज तक की सबसे विफल योजना है, इसे ट्रिकल डाउन प्लान कहा जाता है 
  •  इस योजना के विफलता के 3 कारण :-
  • भारत चीन युद्ध -1962 
  • भारत पाकिस्तान युद्ध-1965 
  • भीषण अकाल -1965 

  • प्रथम योजना अवकाश- (1966-1969)
  • इसमें एक वर्षीय 3 योजनाएं लाई गयी 
  • उद्देश्य-   
  • आयात कम करना तथा निर्यात अधिक करना 
  • देश के भुगतान को अनुकूल करना  

  • चतुर्थ पंचवर्षीय योजना (1969-1974) 
  • मॉडल- D.R. गॉडगिल 
  • प्राथमिकता:-
  • स्थिरता के साथ आर्थिक विकास पर बल
  • उपलब्धियाँ:-
  • रोजगार गारंटी योजना शुरू 
  • परिवार नियोजन कार्यक्रम की शुरुआत 
  • 18 मई 1974 को राजस्थान के पोखरण रेंज में भारत द्वारा प्रथम परमाणु परीक्षण किया गया 
  • 19 जुलाई 1969 को भारत में प्रथम बार 50 करोड़ से अधिक पूंजी वाले 14 बैंको का राष्ट्रीयकरण किया गया 
  • उस समय RBI का गवर्नर- L.K. झा

  • पांचवी पंचवर्षीय योजना(1974-79)
  • मॉडल- D.P धार 
  • उद्देश्य –
  •  गरीबी हटाओ का नारा दिया गया 
  • आत्मनिर्भरता की प्राप्ति 
  • उच्च विकास दर को बढ़ावा देना 
  • 1975 में आपातकाल की घोषणा के बाद राजनितिक उथल पुथल के कारण यह योजना जनता पार्टी के सरकार बनने के बाद यह योजना समाप्त हो गया 
  • यह योजना केवल चार साल ही चल पाया 
  • रोलिंग प्लान (1978 -1980)
  • मोरारजी देसाई की सरकार बनने के बाद पंचवर्षीय योजना को समाप्त कर दिया गया रोलिंग प्लान दो साल का प्लान था 1980 में फिर कांग्रेस की सरकार बन गयी 
  • लक्ष्य दर -4.4%   प्राप्ति-4.8%

  • छठी पंचवर्षीय योजना(1980-85):-
  • इस योजना में कुछ खास बात नहीं थी 
  • इस योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय आय में वृद्धि और गरीबी में निरंतर कमी को सुनिश्चित करना 

  • सातवीं पंचवर्षीय योजना (1985-1990):-
  • यह योजना सबसे सफल योजना साबित हुआ क्योकि इस योजना में अर्थव्यवस्था ने 6% की विकास वृद्धि दर्ज की 
  • इस योजना का उद्देश्य खाद्यान्न उत्पादन में तेजी लाना और रोजगार बढ़ाना था
  • राजनीतिक गतिविधि के कारण आठवीं पचवर्षीय योजना को 2 साल के लिए रोक दिया गया  
  • लक्ष्य वृद्धि दर -5 %  प्राप्ति -6 %

  • आठवीं पंचवर्षीय योजना (1992-1997):-
  • तीव्र आर्थिक विकास दर प्राप्त करने वाली योजना 
  • लक्ष्य वृद्धि दर – 5.6%   प्राप्ति -6.8%

  • नंवी पंचवर्षीय योजना (1997-2002):-
  • प्राथमिकता:- स्थिरता के साथ आर्थिक विकास पर बल 
  • लक्षित वृद्धि दर- 6.5%   प्राप्ति-5.4%

  • दसवीं पंचवर्षीय योजना (2002-2007):-
  • प्राथमिकता :- 
  •  समावेशी विकास पर बल 
  •  समानता व सामजिक न्याय पर बल 
  • उपलब्धियाँ:-
  • 2002-03 में सर्व शिक्षा अभियान की शुरुआत 
  • लक्षित विकास दर- 8%    प्राप्ति-7.6 %

  • ग्यारवीं पंचवर्षीय योजना(2007-2012):-
  • प्राथमिकता:- तीव्र सतत समावेशी विकास पर बल 
  • कृषि उत्पादन में वृद्धि पर बल 
  •  कृषि योजना चलायी गई:-
  • राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना 
  • राष्ट्रीय खाध सुरक्षा मिशन 
  • राष्ट्रीय कृषि विकास  नीति 
  • राष्ट्रीय बागवानी मिशन 
  • किसान के लिए ऋण माफ़ी योजना
  • लक्षित वृद्धि दर-9%    प्राप्ति-8%
  •   
  • बारहवीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) :-
  • प्राथमिकता:- तीव्र सतत संपोषणीय समावेशी विकास 
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